देहरादून/चमोली , अगस्त 18 -- उत्तराखंड के चमोली जनपद अन्तर्गत चीन के सीमावर्ती नीति घाटी में बीते दस अगस्त को ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र के ग्राम लोंग सेगड़ी के समीप तमक नाले में अतिवृष्टि के कारण आए तेज पानी एवं मलबे की चपेट में आए हवलदार पंकज की तलाश में जिला प्रशासन के निर्देशन में युद्धस्तर पर बचाव एवं खोज अभियान मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रहा।
प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीमा सड़क संगठन एवं गढ़वाल राइफल्स सहित विभिन्न रेस्क्यू टीमें मौके पर तैनात हैं और लापता व्यक्ति की तलाश के लिए नाले के आसपास हर संभावित स्थान को अत्याधुनिक रडार और डॉग स्काउड की मदद से बारीकी से खंगाला जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि घटना में सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई में तैनात चालक पंकज तेज बहाव की चपेट में आने के बाद लापता हो गए। उनकी तलाश में बचाव टीमें नाले के आसपास मलबे, जलधाराओं, नदी के किनारों तथा अन्य संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही हैं। लापता हवलदार की तलाश में तीन एक्सकेवेटर, गढ़वाल राइफल्स, 123 इकाई के 50 से अधिक जवान लगातार जुटे हुए हैं। इसके अलावा दो सर्च एंड रेस्क्यू डॉग, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भी अभियान में सक्रिय हैं। दुर्गम एवं ऊबड़-खाबड़ क्षेत्रों में संभावित स्थानों की निगरानी और सर्चिंग के लिए ड्रोन की भी सहायता ली जा रही है।
बचाव अभियान के दौरान भारी बोल्डरों एवं मलबे को एक्सकेवेटर की मदद से हटाया जा रहा है, ताकि इनके नीचे अथवा आसपास किसी भी संभावित स्थान की गहनता से जांच की जा सके। ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सहित आधुनिक सर्च एवं डिटेक्शन उपकरणों की मदद से भी संभावित स्थानों की जांच की जा रही है। वहीं, नाले से आगे नदी के किनारों पर भी सर्चिंग का दायरा बढ़ाते हुए दोनों ओर व्यवस्थित तरीके से खोजबीन की जा रही है।
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