विजयवाड़ा , अगस्त 25 -- समुद्र में लापता सात मछुआरों का पता लगाने के लिए नौसेना के चार हेलीकॉप्टरों और तटरक्षक बल के 15 जहाजों मिलकर बड़े पैमाने पर खोज अभियान चला रहे है। ये सभी तीन अगस्त से लापता हैं।
राज्य के कृषि मंत्री के अच्चन्नायडू ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि जब तक लापता मछुआरों का सुराग नहीं मिल जाता, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा। नाव के संबंध में कोई जानकारी मिलने की संभावना के मद्देनजर म्यांमार और बंगलादेश के समुद्री अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया गया है।
मंत्री ने कहा, "तटरक्षक बल मुख्यालय में उप महानिदेशक (ऑपरेशन) के आदेश पर कोलकाता में पूर्वी और पूर्वोत्तर कमांड को भी सक्रिय कर दिया गया है। खोज के दायरे को बढ़ाने और अभियान में तेजी लाने के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया है। साथ ही समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) की देखरेख में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी भी की जा रही है।"मंत्री ने कहा कि तटरक्षक बल के अधिकारी इस आशंका पर भी विचार कर रहे हैं कि तकनीकी खराबी के कारण नाव विदेशी जलक्षेत्र की ओर बह गयी हो सकती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न समुद्री अधिकारियों से मिली जानकारी का समय-समय पर विश्लेषण किया जा रहा है। श्री अच्चन्नायडू ने बताया कि समुद्र की लहरों, हवा की दिशा, गति और मौसम की स्थितियों के साथ-साथ मछुआरों के आमतौर पर इस्तेमाल किये जाने वाले रास्तों को ध्यान में रखते हुए तलाशी अभियान जारी है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर, सुंदरबन और आसपास के इलाकों में भी बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया जा रहा है।
इस बीच अमलापुरम के सांसद हरीश बालयोगी ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उन्हें लापता मछुआरों के बारे में जानकारी दी।
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