बरेली , जून 01 -- राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी ने सोमवार को बरेली में उद्यमियों और व्यापारियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बरेली समेत देश के सभी जिलों में शीघ्र ही फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा व्यापारिक गतिविधियों को अधिक सुगम बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। एग्रो प्रतिष्ठान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में श्री सिंघी ने कहा कि केंद्र सरकार उद्योग एवं व्यापार के विस्तार, स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जीएसटी व्यवस्था के सरलीकरण से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिला है। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के लाइसेंस को वन टाइम बनाने की व्यवस्था की जा चुकी है, जिसे जल्द ही उत्तर प्रदेश में भी लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। उद्यमियों ने कहा कि सरकार उद्योग और व्यापार हित में सकारात्मक कदम उठा रही है, लेकिन कई बार प्रशासनिक प्रक्रियाओं और लालफीताशाही के कारण अपेक्षित लाभ समय पर नहीं मिल पाता।

श्री सिंघी ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत आधारभूत संरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उत्तर प्रदेश सहित भाजपा शासित राज्यों में उद्योग एवं व्यापार का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यापार कल्याण बोर्ड अब तक व्यापार और उद्योग से जुड़ी 40 हजार से अधिक समस्याओं के समाधान में सहयोग कर चुका है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में निवेश और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और भारत वैश्विक आर्थिक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बरेली मंडल के उद्यमियों और व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।

श्री सिंघी ने खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योगों और निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं पर विशेष बल देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सहयोग मिलने पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मुकुंद मिश्रा ने कहा कि व्यापारी समाज देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। वहीं राष्ट्रीय व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि उद्योग और व्यापार का विकास रोजगार सृजन और सामाजिक स्थिरता दोनों के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश कृषि विकास परिषद के अध्यक्ष एवं बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच सीधा संवाद विकास की नई संभावनाओं को जन्म देता है। बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल ने कहा कि उद्योग केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संवाद कार्यक्रम के बाद श्री सिंघी ने बीएल कामधेनु फॉर्म का भी दौरा किया। उन्होंने वहां देसी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पशुपालन के समन्वय को ग्रामीण रोजगार और आय वृद्धि के लिए उपयोगी बताया।

इस अवसर पर डॉ. घनश्याम खंडेलवाल एवं आशीष खंडेलवाल ने फॉर्म की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। श्री सिंघी ने गोशाला की व्यवस्थाओं और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय पहल बताया।

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