संतकबीरनगर , जनवरी 15 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में महान सूफी संत, समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक कवि कबीर साहेब की परिनिर्वाण स्थली मगहर में उनकी समाधि और मजार पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की खिचड़ी चढाई।
इस अवसर पर जिले की पवित्र नदियों घाघरा /राप्ती में लाखों लोगों ने स्नान करके पूजा अर्चना के साथ अन्न व तिल का दान दिया। आस्थावानों ने नदियों के पवित्र नदियों के तटों पर गोदान और अन्य अनुष्ठान भी किया। घाघरा के तट पर जिले के धनघटा तहसील अंतर्गत बिड़हर घाट पर, राप्ती नदी के तट पर मेंहदावल तहसील के करमैनी घाट पर तथा आमी नदी के तट पर खलीलाबाद सदर तहसील अंतर्गत मगहर और मेंहदावल तहसील अंतर्गत राजघाट में मकरसंक्रांति का मेला लगता है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में कबीर साहेब की साधना की साक्षी आमी नदी में भी भक्त आस्था की डुबकी लगाते थे लेकिन कल-कारखानों के जहरीले केमिकलयुक्त कचरे के बहाव के कारण आमी नदी बहुत प्रदूषित हो चुकी है इसलिए आस्थावान स्नान करने के बजाय जल का स्पर्श करके ही अपनी आस्था प्रकट कर लेते हैं। यह भी गौरतलब है कि कबीर परिनिर्वाण स्थली पर सदियों से खिचड़ी का विशाल मेला लगता है जो लगभग एक पखवाड़ा तक रहता है, जिसमें बड़ी संख्या शिल्पकार अपने बनाये वस्तुओं को लेकर आते हैं, वहीं खजला मिठाई की कई वेराइटी भी यहाँ मिलती है। इसे सौहार्द का मेला भी कहा जाता है जो लगभग पांच शताब्दी से भी अधिक पुराना मेला है।
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