बैतूल , अगस्त 11 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बिजली लाइन पर काम करने के दौरान करंट लगने से एक आउटसोर्स कर्मचारी की मौत हो गई। हादसा झल्लार थाना क्षेत्र के बोथिया गांव में सोमवार शाम हुआ। घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बताया जा रहा है कि काम शुरू करने से पहले लाइन बंद करने का वर्क परमिट लिया गया था।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान आमला निवासी भूरा श्यामराव महाले (45) के रूप में हुई है। वह मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के झल्लार वितरण केंद्र में आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे। भूरा महाले सोमवार को बिजली संबंधी शिकायत का निराकरण करने बोथिया गांव पहुंचे थे।

बताया गया है कि वह एलटी लाइन के बिजली पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और नीचे गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलने पर बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्हें झल्लार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मृतक के परिवार में एक विवाहित बेटी और एक बेटा है। उनका बेटा राजस्थान में नौकरी करता है।

बिजली विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार भूरा महाले के काम पर जाने से पहले संबंधित लाइन को बंद कर वर्क परमिट लिया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लाइन बंद होने के बावजूद बिजली पोल पर करंट कैसे पहुंचा। हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।

झल्लार डीसी के जेई के अनुसार भूरा महाले अनस्किल्ड श्रेणी के कर्मचारी थे और करीब 15 दिन पहले ही उन्हें इस लाइन क्षेत्र का प्रभार दिया गया था। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लाइन डबल सर्किट से जुड़ी होने के कारण करंट आया हो सकता है। हालांकि, विभाग की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

झल्लार डीसी के आमला फीडर क्षेत्र में इससे पहले भी करंट लगने की घटना हो चुकी है। इसमें रामदास धुर्वे करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को काम के दौरान उपलब्ध कराई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

झल्लार थाना प्रभारी वहीद खान ने बताया कि जिला अस्पताल से कर्मचारी की मौत की सूचना मिली है। पोस्टमार्टम और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के संबंध में बिजली विभाग के एई पन्द्राम से जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लाइन बंद करने के बावजूद करंट कैसे आया और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किस स्तर पर हुआ।

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