अमृतसर , सितंबर 28 -- पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हाल में हुए उपद्रव को चिंताजनक बताते हुए सरकार से घटना की जांच कर अफवाह फैलाने वालों तथा हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। सुश्री चावला ने सोमवार को कहा कि कथित अफवाह के बाद जिस तरह विश्वविद्यालय में तोड़फोड़, आगजनी और पथराव हुआ, वह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी किसी वीडियो या संदेश की सत्यता की पुष्टि किए बिना हिंसा पर क्यों उतर आये। उन्होंने कहा कि इस पहलू पर शिक्षाविदों और सरकारों को भी विचार करना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किये जाने से आम लोगों को हुई कथित परेशानी का भीउल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से यात्रियों और मालवाहक वाहनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने घटना के पीछे अफवाह फैलाने वालों और अन्य तत्वों की भूमिका की जांच को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि चितकारा और लवली विश्वविद्यालय में कम अंतराल में हुई घटनाओं के कारणों की भी जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग थे।
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