श्रीनगर , जुलाई 15 -- लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए पांच टन ताजी खुबानी की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

अधिकारियों ने बताया कि यह खेप ऐसे समय में भेजी गयी है जब लद्दाख यूएई की लुलु ग्रुप कंपनी के साथ हुए एक समझौते के तहत इस सीजन में करीब 1,000 मीट्रिक टन ताजी खुबानी विदेशों में निर्यात करने की तैयारी कर रहा है। केंद्र शासित प्रदेश के लिए यह अपनी तरह की अब तक की सबसे बड़ी निर्यात व्यवस्था है।

लद्दाख सालाना 15,000 मीट्रिक टन से अधिक खुबानी का उत्पादन करता है, जो भारत के कुल उत्पादन का लगभग 62 प्रतिशत है। इस पहल से किसानों की आय बढ़ने और क्षेत्र को ऑर्गेनिक खुबानी की उत्कृष्ट किस्म के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान निर्यात की गई मात्र 1,500 किलोग्राम खुबानी की तुलना में यह एक बहुत बड़ी छलांग है, जो लद्दाख के बागवानी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण मील के पत्थरों में से एक है।

खुबानी नाजुक और जल्दी खराब होने वाला फल है, जिसे शून्य से चार डिग्री के तापमान में रखने और ले जाने की आवश्यकता होती है। इसे ध्यान में रखते हुए, लद्दाख प्रशासन ने भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड (कॉनकॉर) के सहयोग से फलों की ताजगी बनाए रखने के लिए कोल्ड-चेन परिवहन का उपयोग करके लद्दाख से खुबानी भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की।

इस प्रमुख निर्यात पहल में मुख्य रूप से लद्दाख की स्वदेशी खुबानी किस्मों 'रक्तसे कार्पो' और 'हलमन' पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो अपनी असाधारण मिठास, बेहतरीन स्वाद, उच्च पोषण मूल्य और पूरी तरह से जैविक खेती के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती हैं। लद्दाख की अनूठी और अधिक ऊंचाई वाली जलवायु परिस्थितियों, भरपूर धूप तथा स्वच्छ पर्यावरण के बीच उगायी जाने वाली यह किस्म दुनिया की सबसे बेहतरीन खुबानी में से एक मानी जाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

उपराज्यपाल ने कहा कि पहली खेप का निर्यात लद्दाख के बागवानी क्षेत्र के लिए एक नये युग की शुरुआत है और यह स्थानीय किसानों को सीधे वैश्विक बाजारों से जोड़ने की प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

श्री सक्सेना ने कहा, "यह निर्यात पहल लद्दाख, इसके बागवानी क्षेत्र और सबसे बढ़कर हमारे मेहनती किसानों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यूएई को लद्दाख की खुबानी की पहली निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाना लद्दाख के वैश्विक बागवानी निर्यात केंद्र बनने की यात्रा की शुरुआत है। यह पहल न केवल हमारे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच प्रदान करेगी बल्कि उनकी उपज के लिए उचित और लाभकारी मूल्य भी सुनिश्चित करेगी, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में काफी सुधार होगा।"गौरतलब है कि किसानों को पारंपरिक रूप से अपनी उपज की कटाई, छंटाई, ग्रेडिंग, सफाई, पैकेजिंग और विपणन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, जिससे अक्सर कटाई के बाद भारी नुकसान होता था और मुनाफा कम मिलता था। लेकिन लुलु रिटेल के साथ हुई नयी व्यवस्था के तहत, किसान कटाई के समय अपने बगीचे निर्यात एजेंसी को सौंप देंगे, जिसके बाद कंपनी फल तोड़ने, छंटाई करने से लेकर ग्रेडिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ले जाने तक की पूरी कड़ियाँ खुद संभालेगी।

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