श्रीनगर , अगस्त 28 -- लद्दाख में हाई कोर्ट पीठ की अधिसूचना जारी होने से केंद्र शासित प्रदेश में अब सुनवाई का रास्ता साफ हुआ है और अब लोगों को न्याय आसानी, तेजी और सुलभ तरीके से मिल सकेगा।

लद्दाख के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को भारत के राष्ट्रपति द्वारा 'केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की पीठ की लद्दाख में सुनवाई) रेगुलेशन, 2026' को लागू किए जाने का स्वागत किया। यह अधिसूचना 27 अगस्त को 'भारत के राजपत्र (असाधारण)' में प्रकाशित किया गया था, जो 20 अगस्त को कैबिनेट द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के ठीक एक सप्ताह बाद हुआ।

इस कदम से लद्दाख के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। इसका मकसद निवासियों, खासकर केंद्र शासित प्रदेश के दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाना है। श्री सक्सेना ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा कि रेगुलेशन को तेजी से लागू करना लद्दाख के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, "कैबिनेट के फैसले के एक सप्ताह के भीतर रेगुलेशन को तेजी से लागू करना लद्दाख के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।" उप-राज्यपाल ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया और इसे लद्दाख के लोगों के लिए हाई कोर्ट को और करीब लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

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