श्रीनगर , अप्रैल 27 -- केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख में पाँच नए ज़िलों का गठन किया गया है।

नए ज़िलों के लिए अधिसूचना को केंद्र द्वारा 22 मई को लद्दाख के नेताओं के साथ बातचीत की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद मंज़ूरी दी गई।

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इसे एक "ऐतिहासिक दिन" बताया, जो एक विकसित और समृद्ध लद्दाख के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

उपराज्यपाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा , "लद्दाख में पाँच नए ज़िलों के गठन की अधिसूचना को मंज़ूरी दे दी गयी है, जिससे लद्दाख के लोगों की आकांक्षाएँ और लंबे समय से लंबित माँग पूरी हुई है।पांच नए ज़िलों-नुब्रा, शाम, चांगथांग, ज़ांस्कर और द्रास-के गठन के साथ, लद्दाख में अब मौजूदा दो ज़िलों के बजाय सात ज़िले होंगे। यह विकास माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक विकसित और समृद्ध लद्दाख के दृष्टिकोण के अनुरूप है।"उन्होंने कहा कि यह परिवर्तनकारी निर्णय, जिसे गृह मंत्रालय द्वारा अगस्त 2024 में माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में पहले ही मंज़ूरी दी जा चुकी है, ज़मीनी स्तर पर शासन को मज़बूत करेगा, प्रशासन का विकेंद्रीकरण करेगा और लद्दाख के लोगों, विशेष रूप से दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वालों तक सार्वजनिक सेवाओं की तेज़ पहुँच सुनिश्चित करेगा।

उपराज्यपाल ने कहा कि नए ज़िलों का गठन, शासन को नागरिकों के और करीब लाने के अलावा, विकास, रोज़गार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेगा। उन्होंने कहा, "मैं यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता हूँ कि लद्दाख का का प्रत्येक नागरिक इस ऐतिहासिक निर्णय से लाभान्वित हो, क्योंकि हम मिलकर एक उज्जवल, मज़बूत और अधिक समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।"लद्दाख जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने तथा पूर्ववर्ती राज्य के विभाजन के बाद 2019 में एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना था। वर्तमान में दो ज़िले लेह और कारगिल हैं।

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