पटना , मई 02 -- बिहार सरकार की लघु उद्यमी योजना ने हजारों कामगारों एवं मेहनती लोगों की दुनिया बदल दी है।
उद्योग विभाग की तरफ शुरू की गई यह योजना बिहार के सभी कस्बों एवं गांव में छोटे-बड़े व्यापार का सूत्रधार बन चुकी है। गांव-गांव में सालों से संसाधन की कमी के कारण कर्मठ एवं मेहनती महिला एवं पुरुष अपने पसंदीदा बिजनेस को शुरू नहीं कर पा रहे थे। योजना के आने के बाद वे बिहार सरकार से ऋण प्राप्त करके अब ब्यूटी पार्लर, मोबाइल स्टोर, चक्की मिल जैसे व्यवसाय शुरू करके राज्य एवं देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं। इसके अलावा गांव-गांव में खुल रहे छोटे व्यापार से ग्रामीणों को भी सीधा लाभ मिल रहा है। छोटे-बड़े कामों के लिए अब शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
योजना की लाभार्थी वैशाली लालगंज की रहने वाली धर्मशीला कुमारी ने बताया कि वे कम उम्र से ही ब्युटीशियन का काम रही थी। उन्हें शुरू से ही गांव में खुद का ब्यूटी पार्लर खोलने का सपना संजोये रखी थी लेकिन परिवार में संसाधन की कमी के कारण पूरा नहीं हो सका था। बिहार सरकार की लघु उद्यमी योजना का लाभ मिलने के बाद धर्मशीला कुमारी ने ही गांव में ही खुद का ब्यूटी पार्लर शुरू कर लिया है, जिसमें गांव की महिला सजने-संवरने के लिए आया करती है। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग शुरू करने के लिए उनके पास मशीनें, सौन्दर्य, प्रसाधन, कुर्सियां, शीशा आदि उपकरण मौजूद है। लघु उद्यमी योजना के लाभ से 20 हजार कमा कर आज उनके सपनों को पूरा करके महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी।
वैशाली के बिदुपुर गांव के रहने वाले लाभार्थी अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि वे कई सालों से दूसरों की दुकान में छोटे-बड़े काम किया करते थे। जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं वे हमेशा से चाहते थे कि वे अपने मेहनत को दूसरे के लिए नहीं बल्कि खुद के आर्थिक विकास के लिए करें। परिवार में संसाधन के अभाव के कारण वे आगे विकास नहीं कर पा रहे थे। उद्योग विभाग की लघु उद्यमी योजना का लाभ मिलने के बाद आज अमरेन्द्र आज अपने ही गांव में खुद का दुकान शुरू कर लिया है। जिससे वे अपने परिवार की जीविका बेहद आराम से चला पा रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री की लघु उद्यमी योजना के लिए बिहार सरकार को धन्यवाद दिया है।
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