जालंधर, 31अक्टूबर (वार्ता) पंजाब में पहली बार आयोजित हो रही अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता एशियन चैंपियंस ट्रॉफी अपने आधे पड़ाव को पार कर अंतिम लीग चरण में पहुंच गई है। सभी छह टीमें अब तक तीन-तीन मुकाबले खेल चुकी हैं और प्रत्येक टीम के दो-दो मैच शेष हैं। लीग चरण के अंतिम छह मुकाबले एक और दाे नवंबर को जालंधर में खेले जाएंगे। लगातार तीन जीत दर्ज कर भारत और मलेशिया ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। व्यक्तिगत गोल स्कोररों की सूची में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पांच गोल के साथ शीर्ष पर हैं।

शनिवार को टूर्नामेंट में सभी टीमों के लिए विश्राम दिवस रहा और कोई मुकाबला नहीं खेला गया। हालांकि, चीन, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमों ने अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। लीग चरण के अंतिम दिनों में मुकाबले दोपहर 2:30 बजे, शाम 4:45 बजे और शाम सात बजे खेले जाएंगे।

एक नवंबर को दक्षिण कोरिया का मुकाबला बंगलादेश से होगा, जबकि दूसरे मैच में चीन और जापान आमने-सामने होंगे। दिन के अंतिम मुकाबले में भारत की भिड़ंत मलेशिया से होगी। वहीं, दो नवंबर को चीन और बांग्लादेश, मलेशिया और जापान तथा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मुकाबले खेले जाएंगे। यह सभी मैच जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित होंगे।

अब तक खेले गए लीग मुकाबलों में भारत और मलेशिया ने अपने तीनों मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। बेहतर गोल अंतर के आधार पर भारत अंक तालिका में पहले स्थान पर है, जबकि मलेशिया दूसरे स्थान पर है। जापान दो जीत के साथ तीसरे और दक्षिण कोरिया एक जीत के साथ चौथे स्थान पर है। चीन और बांग्लादेश अब तक अपना खाता नहीं खोल पाए हैं।

छह टीमों की इस प्रतियोगिता में लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि पांचवें और छठे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच पांचवें स्थान के लिए मुकाबला होगा। टूर्नामेंट के सभी नॉकआउट मुकाबले चार और पांच नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे।

प्रतियोगिता में अब तक कुल नौ मुकाबले खेले जा चुके हैं और सभी मैचों में हार-जीत का फैसला हुआ है। कोई भी मुकाबला ड्रॉ नहीं रहा। इन मैचों में कुल 54 गोल हुए हैं, यानी प्रति मैच औसतन छह गोल किए गए। इनमें 28 मैदानी गोल, 23 पेनल्टी कॉर्नर और तीन पेनल्टी स्ट्रोक से हुए गोल शामिल हैं।

तीन-तीन मुकाबले खेलने के बाद भारत 22 गोल के साथ सबसे अधिक गोल करने वाली टीम है। भारतीय टीम ने इस दौरान केवल तीन गोल खाए हैं। मलेशिया ने 14 गोल किए और छह गोल गंवाए हैं। जापान ने पांच गोल किए और छह गोल खाए हैं, जबकि दक्षिण कोरिया के नाम पांच गोल हैं और उसने सात गोल गंवाए हैं। चीन ने सात गोल किए और 12 गोल खाए, वहीं बांग्लादेश ने केवल एक गोल किया है और उसके खिलाफ 20 गोल हुए हैं।

अब तक भारत और जापान ही ऐसी टीमें हैं, जिन्होंने किसी एक मुकाबले में विपक्षी टीम को एक भी गोल नहीं करने दिया। दोनों टीमों ने बांग्लादेश के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की।

व्यक्तिगत गोल स्कोररों की सूची में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह तीन मैचों में पांच गोल के साथ पहले स्थान पर हैं। मलेशिया के अबू कमाल अजराई चार गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। भारत के मंदीप सिंह और अभिषेक तथा मलेशिया के अखिमुल्लाह और अजीमुद्दीन ने तीन-तीन गोल किए हैं।

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