जयपुर , अक्टूबर 14 -- राजस्थान में लगभग 21.27 करोड़ रुपए के बीमा दावों से संबंधित आपत्तियों का निस्तारण किया गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के हितों की सुरक्षा एवं फसल बीमा संबंधी शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से पंत कृषि भवन के सभाकक्ष में प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति (एसजीआरसी) की बैठक वीसी के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में बीमा कम्पनियों द्वारा फसल कटाई प्रयोगों पर दर्ज आपत्तियों सहित विभिन्न जिलों से प्राप्त फसल बीमा संबंधी प्रकरणों का निस्तारण किया गया। श्रीमती राजपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल परिस्थितियों में फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की महत्वपूर्ण योजना है। योजना का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए फसल बीमा से संबंधित आपत्तियों एवं शिकायतों का निस्तारण निर्धारित प्रावधानों, उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोपरि है। बीमा संबंधी प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होने दिया जाएगा तथा प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्षता से किया जा रहा है। डूंगरपुर के 155 फसल कटाई प्रयोगों पर दर्ज आपत्तियों की समीक्षा बैठक में डूंगरपुर जिले के खरीफ मौसम 2025 के अंतर्गत बीमा कम्पनी द्वारा 155 फसल कटाई प्रयोगों पर दर्ज आपत्तियों का निस्तारण कर किसानों को लगभग 7.69 करोड़ रुपए का लाभ दिया गया है।
इसी प्रकार जालौर जिले के रबी मौसम 2023-24 के तहत पटवार मण्डल चवरडा में सरसों की फसल के फसल कटाई प्रयोगों पर बीमा कम्पनी द्वारा दर्ज आपत्तियों का निस्तारण कर किसानों को एक करोड़ 22 लाख रुपए का बीमा क्लेम पास किया गया है।
बैठक में जालौर जिले के खरीफ मौसम 2024 के तहत गिरदावरी रिपोर्ट में उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार फसलों का बीमित क्षेत्र वास्तविक बोये गए क्षेत्र से अधिक होने से संबंधित 13 पटवार मण्डलों के लगभग 12 करोड़ 36 लाख रुपए की आपत्तियों का निस्तारण कर कृषकों को लाभ दिया गया है इस दौरान बीमित क्षेत्र एवं बोये गए क्षेत्र से संबंधित अभिलेखों के आधार पर प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने कहा कि फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में कृषि विभाग, बीमा कम्पनियों एवं संबंधित वित्तीय संस्थानों के मध्य बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। किसानों के बीमा संबंधी प्रकरणों में तथ्यों एवं अभिलेखों का समुचित परीक्षण किया गया है ताकि पात्र कृषकों को योजना का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े।
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