लखीमपुर खीरी , अगस्त 20 -- उत्तर प्रदेश का लखीमपुर खीरी गन्ना उत्पादन के साथ अब पर्यावरण-अनुकूल बायोप्लास्टिक के निर्माण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। बलरामपुर चीनी मिल लिमिटेड द्वारा कुंभी में करीब 3,080 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला बायोपॉलिमर संयंत्र तैयार किया जा रहा है। गुरुवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने निर्माणाधीन संयंत्र का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और अक्टूबर में प्रस्तावित संचालन की तैयारियों का जायजा लिया।
प्लांट अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिलाधिकारी को संयंत्र का लेआउट, उत्पादन प्रक्रिया और अब तक हुए निर्माण कार्य की जानकारी दी। डीएम ने गन्ने से चीनी उत्पादन और इसके बाद पाली लैक्टिक एसिड (पीएलए) आधारित बायोप्लास्टिक तैयार किए जाने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझा। उन्होंने संयंत्र की तकनीकी व्यवस्था और उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।
संयंत्र की खासियत यह है कि खेती में उत्पादित गन्ने से लेकर पीएलए आधारित बायोप्लास्टिक तैयार करने तक की प्रक्रिया एक ही परिसर में संचालित की जाएगी। यहां पाली लैक्टिक एसिड आधारित बायोप्लास्टिक का उत्पादन किया जाएगा, जिसका उपयोग पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार करने में किया जा सकेगा। प्लास्टिक प्रदूषण की बढ़ती चुनौती के बीच इस परियोजना को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डीएम ने प्लांट के यूनिट हेड ललित जैन, मुख्य तकनीकी अधिकारी शिवेश सिंह, कुंभी चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार यादव, एसडीएम युगांतर त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारियों के साथ संयंत्र परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति की जानकारी लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए। प्लांट अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र का संचालन अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित है। इसके लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
परियोजना की एक प्रमुख विशेषता 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' प्रणाली होगी। इसके तहत उत्पादन प्रक्रिया से निकलने वाले तरल अपशिष्ट को बिना उपचार के नदियों, नालों या अन्य जलस्रोतों में नहीं छोड़ा जाएगा। इससे जल प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलने की उम्मीद है।
बताया गया कि फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पहले बायोपॉलिमर संयंत्र की आधारशिला रखी थी।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि गन्ने के खेत से बायोप्लास्टिक के उत्पादन तक पहुंचने वाली यह परियोजना लखीमपुर खीरी में कृषि आधारित औद्योगिक विकास का नया अध्याय जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश के पहले इस प्रकार के संयंत्र के संचालन से क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन, कृषि आधारित उद्योग और सतत औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित