लखनऊ , फरवरी 02 -- लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (लाइन-2) के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने अपने पहले टेंडर को मंजूरी दे दी है। लाइन-2 के लिए डीटेल्ड डिजाइन कंसल्टेंट (डीडीसी) का यह अनुबंध एयेसा इंजेनिरिया-ए आर्किटेक्तटुरा - एयेसा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जेवी को दिया गया है। टेंडर के दौरान कम्पनी ने 15.90 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाई थी।

यूपीएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार यह अनुबंध लखनऊ मेट्रो फेज-1बी परियोजना के अंतर्गत है। तकनीकी बोलियां अक्टूबर 2025 में खोली गई थीं, जिनमें एयेसा और सिस्ट्रा-जेवी शामिल रही। 21 जनवरी को वित्तीय बोलियां खुलने के बाद आएसा को एल-1 घोषित किया गया।

लाइन-2 परियोजना के तहत लगभग 11.165 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा, जो चारबाग रेलवे स्टेशन से वसंत कुंज तक पुराने लखनऊ क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना को अगस्त 2025 में केंद्र सरकार से मंजूरी मिली थी, जिसकी अनुमानित लागत करीब 5801 करोड़ रुपये है।

डीपीआर के अनुसार इस लाइन में लगभग 4.286 किमी एलिवेटेड सेक्शन (वसंत कुंज-ठाकुरगंज के बीच 5 स्टेशन) और 6.879 किमी अंडरग्राउंड सेक्शन (चारबाग-निवाजगंज के बीच 7 स्टेशन) शामिल होगा। इसके साथ वसंत कुंज में एक डिपो का भी प्रावधान है। डीडीसी अनुबंध की अवधि 60 महीने (5 वर्ष) रखी गई है। इसके अंतर्गत सिविल, आर्किटेक्चरल, इलेक्ट्रिकल-मैकेनिकल और ट्रैक्शन से जुड़े डिजाइन कार्य किए जाएंगे।जिसमें एलिवेटेड व भूमिगत सेक्शन, कुल 12 स्टेशन और डिपो की विस्तृत डिजाइन शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक इस पहले टेंडर के अवार्ड के साथ ही ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण की प्रक्रिया ने औपचारिक रूप से रफ्तार पकड़ ली है। लाइन-2 के पूरा होने से पुराने लखनऊ और शहर के पूर्वी-पश्चिमी हिस्सों के बीच तेज, सुरक्षित और सुगम कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

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