लखनऊ , अक्टूबर 09 -- गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति के बीच प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान जारी है। नगर निगम की टीमें नावों के माध्यम से भोजन, कच्चा राशन, सूखा राशन और पेयजल उपलब्ध करा रही हैं।

शुक्रवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने फैजुल्लागंज, गुल्मी खेड़ा समेत विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगर निगम के मुताबिक, शुक्रवार को सुबह और शाम की पालियों में प्रभावित क्षेत्रों में कुल 1,900 खाद्य पैकेट और पेयजल की बोतलें वितरित की गईं। निजी संस्थाओं के सहयोग से करीब 500 से 600 पके भोजन के पैकेट के साथ कच्चा और सूखा राशन भी पहुंचाया गया। जलभराव के कारण सड़क मार्ग से आवागमन में परेशानी वाले क्षेत्रों में नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

जोन-3 और जोन-6 के अंतर्गत हयात नगर, बरावन कला, टांड़ खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, दौलत खेड़ा, लक्ष्मी हॉस्पिटल वाली गली और गुल्मी खेड़ा समेत अन्य प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री वितरित की गई। नगर निगम का जोर प्रभावित परिवारों को समय पर भोजन और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर है।

राहत कार्यों की निगरानी के लिए नगर निगम के अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। जोन-3 में जोनल अधिकारी अजीत राय, जोनल सेनेटरी ऑफिसर सचिन सक्सेना और अधिशासी अभियंता नजमी मुजफ्फर ने व्यवस्थाओं की निगरानी की।

वहीं, जोन-6 में जोनल अधिकारी अमरजीत सिंह यादव, जोनल सेनेटरी ऑफिसर राकेश कुमार और अधिशासी अभियंता अशोक यादव ने राहत कार्यों का जायजा लिया।

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में राहत सामग्री के प्रबंधन के लिए करीब 70 कर्मचारियों को लगाया गया है। कर्मचारियों ने पिछले दो दिनों में पहुंची खाद्य सामग्री को उतारकर ट्रैक्टरों पर लोड किया, ताकि उसे प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने में आसानी हो।

जलभराव के कारण मच्छरों के प्रजनन और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने एंटी लार्वा छिड़काव अभियान भी शुरू किया है।

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