लखनऊ , अक्टूबर 07 -- सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में देश के प्रमुख शैक्षणिक आयोजनों में शामिल इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की 39वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर तक अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ में किया जाएगा। सम्मेलन से पहले आठ अक्टूबर को प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी। सम्मेलन में भारत और विदेशों से 1000 से अधिक सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के तत्वावधान में लखनऊ ऑन्कोलॉजी एसोसिएशन द्वारा आयोजित सम्मेलन की थीम 'पहुँच बढ़ाना, सटीकता बेहतर बनाना: सर्जिकल विशेषज्ञों को एक साथ लाना' रखी गई है। सम्मेलन के ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन प्रो. संजीव मिश्रा ने बताया कि सम्मेलन की थीम का उद्देश्य देश के उन क्षेत्रों तक सर्जिकल ऑन्कोलॉजी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर देना है, जहां अभी ये सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही कैंसर उपचार को अधिक सटीक बनाने, बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने और मरीजों की आवश्यकताओं के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा होगी।

को-ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. विवेक के. गर्ग ने बताया कि सम्मेलन में एसोसिएशन की पांच दशक की यात्रा को रेखांकित करते हुए विशेष स्वर्ण जयंती कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. आकाश अग्रवाल और डॉ. समीर गुप्ता हैं। तीन दिवसीय वैज्ञानिक कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों के की-नोट संबोधन, इंटरैक्टिव पैनल डिस्कशन, मास्टर वीडियो, ओरेशन, वैज्ञानिक शोध-पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियां, केस आधारित शिक्षण तथा विभिन्न विषयों पर केंद्रित सिम्पोजियम आयोजित किए जाएंगे।

वैज्ञानिक सत्रों में स्तन कैंसर, सिर एवं गर्दन के कैंसर, कोलोरेक्टल, हेपेटोबिलियरी, यूरोलॉजी, अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, थोरेसिक, गायनेकोलॉजिकल और सारकोमा सर्जरी समेत कैंसर सर्जरी के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। पेरिटोनियल सरफेस मैलिग्नेंसी और ओलिगोमेटास्टेटिक डिजीज पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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