नयी दिल्ली , अक्टूबर 24 -- श्रम और रोजगार मंत्रालय उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से 26 और 27 अक्टूबर को लखनऊ में श्रम संहिता, श्रम कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता विकास एवं जागरूकता कार्यक्रम 'श्रम संवाद' आयोजित करेगा।

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि यह कार्यक्रम श्रम सुधारों को लेकर देशभर में चल रही 90 दिवसीय जनसंपर्क पहल का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 28 सितंबर को हुई थी। इस अभियान के तहत सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों में नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों को नयी श्रम संहिताओं के प्रावधानों, उनके दायरे और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम के पहले दिन श्रम सुधारों पर चर्चा होगी और श्रम एवं रोजगार सचिव मुख्य भाषण देंगे। सत्रों में अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गिग एवं प्लेटफॉर्म कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा तथा भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जायेगा।

दूसरे दिन का मुख्य विषय श्रम संहिताओं का कार्यान्वयन और आगे की राह होगा। इसमें मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्त संहिता 2020 के तहत वैधानिक अनुपालनों की समीक्षा की जायेगी। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर भी प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही बाल श्रम की रोकथाम, बच्चों के बचाव एवं पुनर्वास, जिला स्तरीय निगरानी और बाल एवं बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन की रणनीतियों पर चर्चा की जायेगी।

दोनों दिन आयोजित खुली चर्चा में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य प्रतिभागियों की व्यावहारिक समस्याओं, नियामक अनुपालन तथा श्रम सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े सवालों पर विचार किया जायेगा।

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