लखनऊ , जनवरी 31 -- उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस विनिर्माण हब बनाने के उद्देश्य से तीन फरवरी को राजधानी लखनऊ के होटल ताज महल में "फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: उत्तर प्रदेश में निवेश अवसर" का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) तथा इन्वेस्ट यूपी के संयुक्त तत्वावधान में होगा।
कॉन्क्लेव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य राज्य की मजबूत आधारभूत संरचना, विशाल उपभोक्ता बाजार और निवेशक-अनुकूल नीतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाना है। कॉन्क्लेव में देश की अग्रणी फार्मा कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व के साथ निवेश, विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार पर विचार-विमर्श होगा।
कार्यक्रम में सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी, ज़ाइडस फार्मा के चेयरमैन पंकज आर. पटेल, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा, डॉ. रेड्डीज़ के चेयरमैन डॉ. सतीश रेड्डी तथा टोरेंट के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता सहित कई उद्योगपति शामिल होंगे। इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस (आईपीए) सहित आईडीएमए, बीडीएमएआई, ओपीपीआई और एफओपीई जैसी प्रमुख संस्थाएं भी इस आयोजन से जुड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश ने स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क के माध्यम से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल 'मेक इन इंडिया' से आगे बढ़कर 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की अवधारणा को साकार करेगी।
प्रदेश की 'उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस उद्योग नीति-2023' के तहत निवेशकों को 15 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान, 100 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट तथा विद्युत शुल्क में पूर्ण छूट जैसे प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसके साथ औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 और जीसीसी नीति-2024 का भी सहयोग मिल रहा है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश में 81 से अधिक मेडिकल कॉलेज, 450 से अधिक फार्मा कॉलेज तथा एनआईपीईआर रायबरेली, केजीएमयू, एसजीपीजीआई, आईआईटी कानपुर और आईआईटी-बीएचयू जैसे संस्थान उपलब्ध हैं, जो उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधन सुनिश्चित करते हैं। 'निवेश मित्र' सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
13 एक्सप्रेसवे और 21 हवाई अड्डों (आगामी जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित) की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ उत्तर प्रदेश घरेलू एवं वैश्विक बाजारों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है। कॉन्क्लेव के दौरान बड़े पैमाने पर निवेश समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने और रोजगार सृजन की संभावना जताई जा रही है।
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