लखनऊ , फरवरी 20 -- लखनऊ की महानगर पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने शुक्रवार को जीएसटी चोरी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्म बनाकर करीब 4 करोड़ 70 लाख रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया और लगभग 37 लाख रुपये की जीएसटी चोरी की है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दीपक कुमार निवासी सलेमपुर पतौरा मोहान रोड लखनऊ, प्रशान्त तिवारी निवासी बादरखेड़ा बुद्धेश्वर थाना पारा जनपद लखनऊ व कैलाश मौर्या निवासी जाजमऊ सण्डीला थाना सण्डीला जनपद हरदोई के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि इस मामले की जांच राज्य कर विभाग के उपायुक्त की शिकायत पर शुरू की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि एक फर्जी फर्म बनाकर बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की जा रही है। इसके बाद महानगर थाना पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से गरीब और जरूरतमंद लोगों को 10 से 15 हजार रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते और मोबाइल नंबर हासिल करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्म बनाकर फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे और करोड़ों रुपये का फर्जी लेन-देन दिखाया जाता था। इसके माध्यम से अन्य व्यापारिक फर्मों को अवैध कमीशन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) उपलब्ध कराया जाता था।
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