लखनऊ , अक्टूबर 16 -- गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच प्रदेश सरकार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी है।

शुक्रवार को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।

प्रभारी मंत्री ने नगर निगम के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों की सहायता करना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए जलनिकासी में तेजी लाएं और प्रभावित बस्तियों में लोगों की दैनिक जरूरतों का ध्यान रखें।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज में करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। यहां लगभग 6,500 घरों और करीब 50 हजार लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है। नगर निगम और प्रशासन की टीमें प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में जुटी हैं। अस्थायी आश्रय स्थलों, पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री वितरण, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्य प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं।

मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजने और लोगों को फिलहाल समर्सिबल पंप का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह देने के निर्देश दिए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।

उन्होंने जलभराव से प्रभावित घरों के सेप्टिक टैंकों की स्थिति का आकलन कर जरूरत के अनुसार सक्शन मशीनों से सफाई कराने, नालियों की सफाई, कीटनाशक छिड़काव, फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान चलाने को कहा। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन से छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए गए। प्रभावित बस्तियों में आवागमन के लिए चलने योग्य रास्ते तैयार करने तथा भविष्य में जलभराव की समस्या कम करने के लिए इंटरलॉकिंग सड़कों सहित जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त को नगर निगम के सभी उपलब्ध जल टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित क्षेत्रों में लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को पेयजल और स्वच्छता संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। जलनिकासी के साथ घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकलने में करीब एक सप्ताह लगने का अनुमान है। इसके बाद भी अगले 10 से 12 दिनों तक सफाई, कीटनाशक छिड़काव और सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाएगा, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो और जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने राहत कार्यों में सहयोग कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रयासों की सराहना की।

सुरेश कुमार खन्ना ने अधिकारियों को फैजुल्लागंज में भविष्य में बाढ़ और जलभराव की समस्या से बचाव के लिए स्थायी समाधान तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने गोमती नदी के किनारे बंधा बनाने सहित अन्य सुरक्षात्मक उपायों की संभावनाओं का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने और शासन को भेजने को कहा।

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