पटना , अप्रैल 01 -- ित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के निबंधन विभाग ने राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। निर्धारित लक्ष्य 8,250 करोड़ रुपये के विरुद्ध 8,403.46 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई है, जो लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,648.88 करोड़ रुपये की प्राप्ति (101.98 प्रतिशत) हुई थी। इस प्रकार, चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण में 754.58 करोड़ रुपये (9.86 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है।
राज्य में सर्वाधिक राजस्व संग्रह करने वाले शीर्ष पांच जिलों में पटना प्रथम स्थान पर रहा, जहां कुल 1,28,367 दस्तावेज़ों का निबंधन हुआ और 1,361.38 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 1,506.15 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति दर्ज की गई, जो 110.63 प्रतिशत है। इसके बाद अरवल जिले में 6,814 दस्तावेज़ों के साथ 36.65 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 39.75 करोड़ रुपये (108.46 प्रतिशत) की प्राप्ति हुई।
औरंगाबाद में 30,307 दस्तावेज़ों के साथ 178.23 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 191.38 करोड़ रुपये (107.38 प्रतिशत) राजस्व अर्जित हुआ। बांका जिले में 25,130 दस्तावेज़ों के माध्यम से 86.39 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 91.81 करोड़ रुपये (106.28 प्रतिशत) की प्राप्ति हुई, जबकि शिवहर में 10,451 दस्तावेज़ों के साथ 35.96 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 37.14 करोड़ रुपये (103.32 प्रतिशत) राजस्व संग्रह किया गया।
इसी प्रकार, सर्वाधिक राजस्व संग्रह करने वाले शीर्ष पांच कार्यालयों में दानापुर कार्यालय अग्रणी रहा, जहां 12,633 दस्तावेजों का निबंधन करते हुए 190.68 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 255.72 करोड़ रुपये (134.11 प्रतिशत) की उल्लेखनीय प्राप्ति दर्ज की गई।
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