पटना , जून 20 -- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में लंबित विभागीय जांचों और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच प्रतिवेदन और अधिगम उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बार-बार स्मरण कराने के बावजूद रिपोर्ट नहीं देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित निगरानी शाखा की समीक्षा बैठक में बताया गया कि बिहार राजस्व सेवा के अंचल अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों एवं समकक्ष पदाधिकारियों के विरुद्ध कुल 70 विभागीय कार्यवाहियां संचालित हैं। इनमें 23 मामलों में जांच प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है, जबकि 47 मामलों में अब भी रिपोर्ट लंबित है। इसके अलावा 17 अधिकारी निलंबित हैं, जिनमें 11 मामले ट्रैप से संबंधित हैं। कुल 147 अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित हैं, जिन पर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई चल रही है।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जिन अपर समाहर्ताओं के स्तर से निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया है, उन्हें अंतिम चेतावनी जारी की जाए। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा जाएगा।

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