रायगढ़ , जुलाई 22 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की रायगढ़ जिला इकाई ने बुधवार को अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्वास्थ्य विभाग में निजीकरण, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने, पुनरीक्षित वेतनमान लागू करने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती सहित कई मांगों पर जल्द निर्णय की मांग की।
संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि पुनरीक्षित वेतनमान सहित अन्य मांगों के संबंध में पूर्व में भी शासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया था लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष है।
ज्ञापन में स्वास्थ्य विभाग में निजीकरण, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, जीवनदीप समिति के कर्मचारियों के मानदेय में एकरूपता लाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य आयोग के गठन की मांग की गई।
संघ ने चिकित्सकों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के पंजीयन की अनिवार्य व्यवस्था लागू करने की भी मांग की। उनका कहना है कि इससे प्रशिक्षित युवाओं के हितों की रक्षा होगी तथा फर्जी डिग्री और डिप्लोमा धारकों पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
उपायुक्त ने ज्ञापन प्राप्त कर कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को नियमानुसार संबंधित विभाग और शासन को प्रेषित किया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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