मोहाली , सितंबर 10 -- वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए) के भुगतान में देरी को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा है।

श्री सिद्धू ने गुरुवार को कहा कि करीब 6.5 लाख कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने जायज डीए बकाये की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई वर्षों से भुगतान लंबित रहने से सरकार पर हजारों करोड़ रुपयेकी देनदारी बन गयी है।

उन्होंने सवाल किया कि सरकार कर्मचारियों को उनके हक के लिए धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर क्यों कर रही है और बकाया भुगतान की तारीख स्पष्ट रूप से क्यों नहीं घोषित करती। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने अपने अधिकारों के लिए अदालत का रुख किया और न्यायिक कार्यवाही में उनके पक्ष में फैसले भी आये, इसके बावजूद सरकार मामले को लटकाने में लगी है।

श्री सिद्धू ने सवाल किया कि यदि सरकार के पास विज्ञापन और प्रचार गतिविधियों के लिए धन है, तो कर्मचारियों के जायज बकाये के भुगतान के समय खजाना खाली क्यों हो जाता है।

उन्होंने कहा कि आप सरकार ने सत्ता में आने से पहले लोगों से बड़े-बड़े वादे किये थे, लेकिन आज कर्मचारी, पेंशनभोगी, किसान और युवा समेत विभिन्न वर्ग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। कानून-व्यवस्था, नशे, बेरोजगारी, किसानों और उद्योग से जुड़े मुद्दों को लेकर भी लोगों में चिंता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और विधानसभा से लेकर सड़कों तक उनकी जायज मांगें उठाती रहेगी।

श्री सिद्धू ने चेतावनी दी कि डीए सहित अपने अधिकारों की आवाज उठाने वाले किसी कर्मचारी को डराने, धमकाने या उसके खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसे मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल से पूछा कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबित डीए बकाया आखिर कब दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से बहाने बनाने के बजाय भुगतान की निश्चित तारीख घोषित करने की मांग की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित