दुर्ग , सितंबर 10 -- छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों ने गुरुवार को लंबित एरियर्स, वेतन संशोधन, प्रोत्साहन राशि और न्यूनतम वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर सेल-बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक और स्टील ठेका श्रमिक यूनियन-इंटक के बैनर तले कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने सेक्टर-1 स्थित मुर्गा चौक पर आज सुबह 7:45 से 8:45 बजे तक प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पंडा के नाम संबोधित मांग पत्र आईआर विभाग को सौंपा गया।
स्टील ठेका श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष और स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक भिलाई के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि कर्मचारियों का 39 महीने का एरियर्स अभी तक लंबित है। यह मामला लंबे समय से अटका हुआ है और इसका जल्द निराकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2027 से नए वेतनमान संशोधन को लागू किया जाना है और इसकी प्रक्रिया को लेकर प्रबंधन को स्पष्ट कदम उठाना चाहिए।
यूनियन ने मासिक प्रोत्साहन योजना में संशोधन कर कर्मचारियों को हर महीने 10 हजार रुपए देने की मांग की है। इसके साथ ही 650 वर्गफीट के आवासों को लाइसेंस पर देने और 'सब्जेक्ट टू वेकेशन' व्यवस्था शुरू करने की मांग भी प्रबंधन के समक्ष रखी गई है।
श्री साहू ने ठेका श्रमिकों के वेतन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र में बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। यूनियन का आरोप है कि केंद्रीय न्यूनतम वेतन नवंबर 2025 से लागू होने के बावजूद इसे बीएसपी में लागू नहीं किया गया है। यूनियन ने ठेका श्रमिकों के लिए कम से कम 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की मांग की है।
यूनियन ने मेडिकल और छंटनी के नाम पर ठेका श्रमिकों को काम से हटाए जाने का भी विरोध करते हुए कार्यरत श्रमिकों की छंटनी बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और इसका सकारात्मक असर सेल के उत्पादन, उत्पादकता और लाभार्जन पर भी पड़ेगा।
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