जयपुर , जून 11 -- उच्चतम न्यायालय एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के संगठन "एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज ऑफ सुप्रीम कोर्ट एंड हाई कोर्ट्स ऑफ इंडिया" ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति गौतम पटेल की पुत्री पर लंदन में हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की है।

संगठन ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि न्यायमूर्ति गौतम पटेल और उनके परिवार को पिछले कई महीनों से जान से मारने की धमकियां मिलने की भी खबरें सामने आई हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.के. रांका ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से पूर्व न्यायाधीशों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कानून के अनुसार करते हैं और उनके निर्णय कई बार पक्ष-विपक्ष के हितों को प्रभावित करते हैं, जिसके कारण उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी सुरक्षा संबंधी खतरे बने रह सकते हैं।

उन्होंने भारत के प्रधान न्यायाधीश द्वारा मामले में त्वरित हस्तक्षेप की सराहना भी की। एसोसिएशन ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश ने भारतीय उच्चायुक्त के माध्यम से इस विषय को उठाया, जिसके बाद न्यायमूर्ति गौतम पटेल और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध किए जाने का आश्वासन प्राप्त हुआ है।

एसोसिएशन ने न्यायपालिका से जुड़े पूर्व पदाधिकारियों की सुरक्षा को लेकर दीर्घकालिक नीति बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया है।

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