रांची , मई 18 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा राजधानी रांची स्थित होटवार जेल में महिला कैदी के कथित यौन शोषण और गर्भवती होने का मामला उठाए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन दोनों स्तरों पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। महिला कैदी की ओर से जेल अधीक्षक पर शारीरिक और मानसिक शोषण करने तथा गर्भवती करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

उपायुक्त ने कहा कि आरोपों की सत्यता और तथ्यों की पुष्टि के लिए जांच आवश्यक है। मामले की जांच एडीएम (विधि-व्यवस्था) और एसडीएम स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

इस पूरे मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयान में दावा किया कि होटवार जेल में एक महिला बंदी के साथ लंबे समय तक शोषण किया गया और वह गर्भवती हो गई।

श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि जेल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में ऐसी घटना कैसे हो सकती है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

महिला कैदी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल जेल सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता होगी, बल्कि मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला भी बनेगा। फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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