मुंबई , जुलाई 20 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-एसपी) विधायक रोहित पवार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 131वें संविधान संशोधन विधेयक (जिसे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन विधेयक भी कहा जाता है) की कड़ी आलोचना की है।

गौरतलब है कि राकांपा की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने पिछले बुधवार, 15 जुलाई को सैद्धांतिक रूप से समर्थन किया था।

श्री पवार ने आरोप लगाया कि लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन विधेयक सत्ताधारी पार्टी की ओर से संविधान पर हमला करने और लोकतंत्र को खत्म करने की एक गुप्त साजिश है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे किसी भी हाल में इस विधेयक का समर्थन न करें।

सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट में श्री पवार ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी का मुख्य मकसद संसद के मॉनसून सत्र (जो सोमवार से शुरू हुआ है) में 'परिसीमन विधेयक' को पारित कराना है। इस विधेयक को पारित कराने के लिए विपक्ष को मीठी-मीठी बातों और सभी राज्यों में लोकसभा सीटों को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के वादों से लुभाया जा रहा है। हालांकि, अगर हम इन आंकड़ों के जाल में फंसकर इस विधेयक का समर्थन करते हैं, तो नगर निगम चुनावों में वार्ड के ढांचे की तरह ही भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में भी हेरफेर करेगी।

असम में हुई घटना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, "यह पुनर्गठन भौगोलिक सीमाओं या संवैधानिक ढांचे पर विचार किये बिना केवल सत्ता बनाए रखने के लिए किया जायेगा। असम में निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन इसका एक अच्छा उदाहरण है। 2016 से, भाजपा ने अनुभवी पूर्व अधिकारियों की मदद से एक रणनीति बनायी है ताकि लक्षित निर्वाचन क्षेत्रों को प्रभावित किया जा सके और जनसांख्यिकीय और राजनीतिक वास्तविकताओं को बीजेपी के पक्ष में बदला जा सके।"उन्होंने कहा, "जब तक यह विधेयक पारित नहीं हो जाता, वे (भाजपा) विपक्ष के साथ सुलह का दिखावा करेंगे, लेकिन जैसे ही विधेयक पारित हो जायेगा, भाजपा की तानाशाही प्रवृत्ति फिर से सामने आ जायेगी। भारत के संविधान को कमजोर करने के लिए परिसीमन विधेयक को पारित कराने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर ) को लागू करने की एक सुनियोजित चाल है। सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर इस साजिश को नाकाम करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विधेयक कभी पारित न हो।"उल्लेखनीय है कि श्रीमती सूले ने गत बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी पार्टी भाजपा के नेतृत्व वाले राजग द्वारा प्रायोजित 131वें संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि राकांपा विधेयक का समर्थन कर सकती है, अगर सरकार सभी राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए इसमें संशोधन करती है।

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