सासाराम , मार्च 09 -- बिहार में रोहतास जिले की एक अदालत ने हत्या के एक मामले में सोमवार को सात भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

जिला न्यायाधीश (10) उमेश राय ने जिले के कोचस थाना क्षेत्र के छित्तन डिहरा गांव में 12 साल पूर्व अंबिका पाल की हत्या मामले में सुनवाई करते हुए सात भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।अभियुक्तों में रंगीला पाल, रविंद्र पाल, वीरेंद्र पाल, योगेंद्र पाल,राजेंद्र पाल,रमेश पाल एवं उमेश पाल शामिल हैं।सभी छित्तन डिहरा गांव के रहने वाले हैं। इस मामले की प्राथमिकी कोचस थाना में मृतक के पुत्र ओमप्रकाश पाल ने दर्ज कराई थी।

मामले में अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता राज किशोर विश्वकर्मा ने बताया कि यह घटना 12 साल पूर्व 16 सितंबर 2014 की रात्रि में कोचस थाना क्षेत्र के छित्तन डिहरा गांव में हुयी थी।अंबिका पाल सासाराम के संत शिवानंद महाविद्यालय में चपरासी के पद पर थे। वह रात्रि में घर से खाना खाकर अपने दलान पर सोने जा रहे थे इसी क्रम में अभियुक्तों ने उन पर लाठी डंडे से हमला कर दिया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे,जिनकी अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में हीं उनकी मृत्यु हो गई थी।

अभियोजन पक्ष के तरफ से इस मामले में नौ गवाहों की गवाही न्यायालय में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद अदालत ने अभियुक्तों को भारतीय दंड विधान की धारा 302,120 बी एवं 34 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, वही अभियुक्तों पर अदालत ने 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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