वाराणसी , जनवरी 31 -- धार्मिक नगरी काशी में निर्माणाधीन देश के पहले अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे पर जल्द ही पर्यटक प्रदूषण रहित और सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे।
रोपवे के संचालन के लिए टावरों के इंस्टॉलेशन के बाद प्रथम चरण के दूसरे सेक्शन में रोप पुलिंग का कार्य शीघ्र शुरू होगा। रोप पुलिंग शुरू करने से पूर्व निरीक्षण के लिए ऑस्ट्रिया की विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम इसी सप्ताह वाराणसी पहुंच रही है। सरकार पर्यटकों की सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा संबंधी सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का कड़ाई से पालन कर रही है।
अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए विश्व का तीसरा रोपवे काशी में यातायात व्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से तेजी से बन रहा है। इस रोपवे का निर्माण स्विट्जरलैंड की कंपनी बर्थोलेट कर रही है। कंपनी के स्विस इंजीनियर वाराणसी में रहकर उपकरणों का इंस्टॉलेशन कर रहे हैं। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के अनुसार, रोपवे के प्रथम चरण के दूसरे सेक्शन (रथयात्रा से गोदौलिया तक) का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। रोप पुलिंग कार्य शुरू करने से पहले ऑस्ट्रिया की 'रोप एक्सपर्ट्स' कंपनी के इंजीनियर वाराणसी में निरीक्षण के लिए आ रहे हैं। वे रोपवे स्टेशनों, टावरों के एलाइनमेंट सहित सभी तकनीकी पहलुओं की जांच करेंगे।
कैंट रेलवे स्टेशन, विद्यापीठ और रथयात्रा रोपवे स्टेशनों में संचालन के लिए लगभग सभी उपकरण इंस्टॉल हो चुके हैं। इन तीनों स्टेशनों के बीच रोप पुलिंग के बाद ट्रायल रन का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। पहले सेक्शन में भी ऑस्ट्रिया की 'रोप एक्सपर्ट्स' कंपनी के इंजीनियरों द्वारा ही रोप पुलिंग का कार्य किया गया था। रोप पुलिंग के लिए यूरोप से ड्रोन एवं अन्य विशेष उपकरण आयात किए गए थे।
वाराणसी में यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुचारु बनाने में इस रोपवे को संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है। दूसरे सेक्शन के निर्माण के बाद पूरे रोपवे पर लगभग 148 ट्रॉली कारें (गंडोला) चलेंगी। रोपवे की कुल लंबाई 3.85 किलोमीटर है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया पहुंचने में लगभग 16 मिनट का समय लगेगा। प्रत्येक गंडोला में 10 यात्री सवार हो सकेंगे। रोपवे का संचालन 16 घंटे होगा तथा एक दिशा में प्रति घंटे 3,000 यात्री यात्रा कर सकेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित