गोरखपुर , जनवरी 29 -- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोरखपुर को दी गई आयुष विश्वविद्यालय की सौगात को अब शानदार रोड कनेक्टिविटी का भी साथ मिलने जा रहा है।
इस विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने के बाद बिना साइड इफेक्ट वाली आयुष चिकित्सा के प्रति आमजन का रुझान बढ़ रहा है। अब, इस आयुष विश्वविद्यालय आने-जाने के लिए लोगों को फोरलेन सड़क की सुविधा मिल जाएगी। चिकित्सा सेवा के लिए सुगम आवागमन से आयुष चिकित्सा का क्रेज और भी बढ़ेगा।
प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण भटहट के पिपरी में कराया गया है। यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस विश्वविद्यालय का विजन तय करने के साथ ही सीएम ने यहां तक पहुंच आसान बनाने के लिए रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की मंशा जताई थी। इसके अनुरूप ही भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड तीन से मिली जानकारी के अनुसार 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर कार्य 24 मार्च 2023 को शुरू हुआ था। अब तक की भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत से अधिक है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च माह के अंत तक सभी कार्य पूर्ण करते हुए इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है।
गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा का कहना है कि फोरलेन के रूप में सड़क बेहतर होने से इस क्षेत्र में आयुष चिकित्सा का क्रेज बढ़ेगा।
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