नैनीताल , जनवरी 30 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) के द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों से सेवानिवृत्ति के बाद दिए गए लाभों की वसूली पर रोक लगा दी है।
मामले को जगदीश प्रसाद पंत, राम सिंह और सुरेश चंद्र मासीवाल की ओर से चुनौती दी गई थी। साथ ही न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की अवकाशकालीन पीठ में इस पर सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि कई वर्षों की सन्तोषजनक सेवा के बाद वह सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें सेवानिवृत्ति के लाभ दिए गए परन्तु अब निगम उनसे वसूली कर रहा है। जो कि उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायलय के निर्णय के विरुद्ध है।
यह भी कहा गया कि देयकों की वसूली नहीं की जा सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से रिकवरी आदेश पर रोक लगाने की मांग की गयी।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पूर्व के आदेशों के क्रम में वसूली पर रोक लगाते हुए सभी याचिकाओं को निस्तारित कर दिया।
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