नैनीताल , जुलाई 15 -- उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) के कर्मचारियों के वेतन से सोसाइटी के नाम पर की जा रही कटौती और कटौती के अंशदान को सोसाइटी में जमा नहीं किये जाने के मामले में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और निगम से तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन और रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से दायर प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
पत्र में कहा गया कि रोडवेज प्रबंधन की ओर से कोआपरेटिव सोसाइटी के नाम पर कर्मचारियों से जो अंशदान काटा जा रहा है और उस सोसाइटी में जमा नहीं किया जा रहा है। यह बेहद गंभीर मामला है।
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