छिंदवाड़ा , अगस्त 01 -- मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में रॉयल एनफील्ड की डीलरशिप दिलाने के नाम पर करीब 78 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के फरार दो आरोपियों को कुण्डीपुरा पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने आठ दिन तक बिहार में एसी और गीजर मैकेनिक बनकर गुप्त रूप से रेकी की। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मामले की जानकारी देते हुए कुंडीपुरा थाना प्रभारी महेंद्र भगत ने बताया कि चांदामेटा निवासी संजय कुमार अग्रवाल (52) ने 23 जनवरी 2025 को थाना कुण्डीपुरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि रॉयल एनफील्ड की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के माध्यम से उनसे करीब 77 लाख 25 हजार रुपए की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर थाना कुण्डीपुरा में अपराध क्रमांक 48/2025 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे और नगर पुलिस अधीक्षक अजय राणा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और लेन देन का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पहले आरोपी प्रेम कुमार को बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद पुलिस लगातार फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी रही। तकनीकी साक्ष्य और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम बिहार पहुंची और अपनी पहचान छिपाने के लिए आठ दिनों तक एसी एवं गीजर मैकेनिक बनकर घर-घर जाकर रेकी करती रही। आखिरकार गत 29 जुलाई को पुलिस ने गिरोह के दो अन्य आरोपी उदय कुमार और रणजीत उर्फ अखिलेश कुमार को पटना से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी से हासिल रकम कहां-कहां निवेश की गई। आरोपियों द्वारा अर्जित संपत्ति का ब्यौरा जुटाया जा रहा है, ताकि उसे कुर्क करने की कार्रवाई की जा सके।

पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र भगत, एएसआई मनोज रघुवंशी, प्रधान आरक्षक रविन्द्र ठाकुर, आरक्षक जीवन रघुवंशी, दुर्गा बरकड़े, गजानंद मरपाची तथा साइबर सेल के नितिन सिंह, आदित्य रघुवंशी और राहुल की विशेष भूमिका रही।

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