नवी मुंबई , अक्टूबर 22 -- भारत के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा है कि विश्व कप में इंग्लैंड के ख़िलाफ मैच में जेमिमाह रॉड्रिग्स को बाहर रखना टीम के लिए "सबसे कठिन फ़ैसलों में से एक" था, जो पूरी तरह से संयोजन और परिस्थितियों पर आधारित था।

मजूमदार ने कहा, "सच कहें तो, जेमी (रॉड्रिग्स) इस टीम की बहुत अहम खिलाड़ी रही हैं और इस ग्रुप का अभिन्न हिस्सा हैं। कभी-कभी आपको ऐसे कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं। इंग्लैंड के ख़िलाफ़ उस मैच में छठे गेंदबाज़ी विकल्प की आवश्यकता थी। इंदौर के मैदान और वहां की (ज़्यादा रन वाली) परिस्थितियों को देखते हुए हमें लगा कि उस दिन और उस मैच के लिए छह गेंदबाजी विकल्प बेहतर रहेंगे।"रॉड्रिग्स ने इस टूर्नामेंट में चार पारियों में सिर्फ़ 65 रन बनाए हैं और दो बार शून्य पर भी आउट हुई हैं। इंग्लैंड के ख़िलाफ़ उनकी जगह तेज गेंदबाज़ रेणुका सिंह को शामिल किया गया।

मजूमदार ने कहा, "यह वाक़ई एक मुश्किल फ़ैसला था। यह हमारे सबसे कठिन फ़ैसलों में से एक था, लेकिन कभी-कभी ऐसे निर्णय लेने ही पड़ते हैं। उसने इसे बहुत अच्छे खेल भावना से स्वीकार किया।"न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ मैच से पहले रॉड्रिग्स ने नेट में लंबा सत्र किया। वह अपनी ड्राइव्स पर काफ़ी काम करती नजर आईं। हालांकि मज़ूमदार ने कहा कि उन्हें अंतिम एकादश में वापस लाने का निर्णय मैच के दिन ही लिया जाएगा।

भारत इस विश्व कप में अब लगातार तीन मैच हार चुका है। मज़ूमदार ने माना कि खिलाड़ियों को घरेलू विश्व कप खेलने का दबाव महसूस हो रहा है। लेकिन उन्होंने टीम की युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर भरोसा जताया, जो इन तीनों मैचों के अपने दूसरे स्पेल में ज़्यादा रन दे चुकी हैं।

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि घरेलू विश्व कप में दबाव तो रहेगा ही, लेकिन यह टीम उस दबाव से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। हमने टीम को उसी सोच के साथ तैयार किया है और मुझे लगता है कि सभी खिलाड़ी उस दबाव को संभालने में सक्षम हैं।

"गौड़ के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का ज़्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन यही वह स्तर है, जहां हम हैं। वह टीम में तेज गेंदबाज़ों की अगुआई कर रही हैं। हमने कई चर्चाएं की हैं और इस बारे में कोई क़सर नहीं छोड़ी है कि कैसे उन पर से दबाव कम किया जाए।"छह भारतीय बल्लेबाज अब तक इस टूर्नामेंट में अर्धशतक लगा चुके हैं, लेकिन कोई भी तीन अंकों के स्कोर तक नहीं पहुंचा है। मज़ूमदार ने कहा कि टीम इस पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर ने इंग्लैंड के मैच में 125 रन की साझेदारी की थी लेकिन क्रमशः 88 और 70 पर आउट हो गईं।

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