हैदराबाद , अक्टूबर 29 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बुधवार को चक्रवात मोंथा के प्रभावों की समीक्षा की और सभी विभागों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने तथा जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए क्षेत्र में उपलब्ध रहने का निर्देश दिया।
चक्रवात मोंथा के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है और इस बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि खम्मम, वारंगल और नलगोंडा जिले इससे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं जबकि हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार बारिश हो रही है।
श्री रेड्डी ने चिंता व्यक्त की कि चक्रवात धान की कटाई के मौसम में आया है और अनाज खेतों में खुला पड़ा हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को धान और कपास के स्टॉक की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाने और खरीद केंद्रों का संचालन सुचारू रूप से करने का निर्देश दिया।
गोलकुंडा एक्सप्रेस और कोणार्क एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के बाधित होने की खबरों के बाद, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों के कलेक्टरों के साथ मिलकर काम करने का आदेश दिया। विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों को निचले और बाढ़-संभावत क्षेत्रों के परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने और उचित मार्गदर्शन व सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को जलाशयों, तालाबों और टैंकों में जल स्तर की 24 घंटे निगरानी करने तथा जल निकायों में दरारों को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया।
जलभराव से बीमारियों के फैलने के खतरे के मद्देनजर श्री रेड्डी ने शहरी एवं ग्रामीण स्वच्छता टीमों को नालियों एवं जलभराव वाले इलाकों को साफ करने के लिए लगातार काम का निर्देश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं का भंडारण करने और आवश्यकानुसार चिकित्सा शिविर लगाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने राजस्व, विद्युत, पंचायत राज, सड़क एवं भवन, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन सेवा, एसडीआरएफ, जीएचएमसी और हाइड्रा के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जनता की संकट संबंधी कॉल पर तुरंत कदम उठायें और त्वरित राहत उपाय सुनिश्चित करें।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, श्री रेड्डी ने इस बात पर बल दिया कि सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों, पशुओं एवं सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा होनी चाहिए और तेलंगाना चक्रवात के निरंतर प्रभावों से निपटने के लिए तैयार है।
इस बीच राज्य की पंचायत राज, ग्रामीण विकास और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. दानसारी अनसूया (सीथक्का) ने बुधवार को महबूबाबाद और मुलुगु जिलों के अधिकारियों के साथ एक टेलीकांफ्रेंस की जो मोंथा से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नज़र रखने और आपातकालीन उपायों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। उन्होंने ठंढ़ और बाढ़ के मद्देनजर लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की।
सुश्री सीताक्का ने किसानों एवं पशुपालकों को फसलों एवं पशुओं की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी और मछुआरों से जलाशयों में न जाने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों को नदियों या तालाबों में नहीं जाने और भारी जल प्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी।
इस बीच, तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने एक बयान जारी कर पूरे राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं से चक्रवात से प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं पुनर्वास प्रयासों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया।
उन्होंने भाजपा स्वयंसेवकों से स्थानीय अधिकारियों, आपदा प्रबंधन टीमों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर काम करने की अपील की जिससे प्रभावित लोगों को आवश्यक आपूर्ति, भोजन, आश्रय एवं चिकित्सा सहायता समय पर उपलब्ध हो सके।
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