हैदराबाद , अप्रैल 14 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को भारत रत्न डॉ. बी. आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि डॉ. अंबेडकर का दृष्टिकोण आज भी देश में लोकतांत्रिक शासन और सामाजिक परिवर्तन का मार्गदर्शन करता है।

डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां महात्मा गांधी ने दिखाया कि युद्ध अहिंसा के माध्यम से जीते जा सकते हैं, वहीं अंबेडकर ने दुनिया को दिखाया कि किसी राष्ट्र शासन बेहतर ढंग से कैसे चलाया जा सकता है। उन्होंने गांधी और अंबेडकर को 'राष्ट्र की दो आंखें' बताया और कहा कि बाबासाहेब के आदर्शों का अब विश्व स्तर पर पालन किया जा रहा है।

श्री रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि अंबेडकर का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली उपकरण है। उन्होंने दोहराया कि तेलंगाना सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करके और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को प्राथमिकता देकर इन आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य का गठन संवैधानिक प्रावधानों के कारण ही संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने दलितों और आदिवासियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए सवाल किया कि दलितों के पास वित्त या स्वास्थ्य जैसे प्रमुख विभाग क्यों नहीं होने चाहिए।

श्री रेड्डी ने कल्याणकारी उपायों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में 4.5 लाख इंदिराम्मा आवास वितरित किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश का लाभ अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को मिला है। साथ ही, सृजित नौकरियों में से 87 प्रतिशत नौकरियां एससी, एसटी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों को मिली हैं।

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