हैदराबाद , अप्रैल 14 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोकसभा सीटों में प्रस्तावित वृद्धि पर राष्ट्रीय सहमति बनाने की मांग की है और महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन से जोड़े बिना, तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने का आग्रह किया है।
श्री रेड्डी ने श्री मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि कि महिलाओं के लिए आरक्षण, परिसीमन और लोकसभा सीटों में वृद्धि ये तीनों अलग-अलग मुद्दे हैं और इन्हें एक-दूसरे पर निर्भर नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रति कांग्रेस के पूर्ण समर्थन को दोहराया और संसद तथा राज्य विधानसभाओं में मौजूदा 543 सीटों के आधार पर ही इसे लागू करने की मांग की।
जनसंख्या के अनुपात के आधार पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कदम देश के संघीय संतुलन को बिगाड़ सकता है और दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को असंतुलित रूप से कम कर सकता है।
उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों ने जनसंख्या स्थिरीकरण, आर्थिक विकास और मानव विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अपना उच्च योगदान देने के बावजूद, दक्षिणी राज्यों को संसाधन आवंटन के मामले में पहले से ही वित्तीय असमानताओं का सामना करना पड़ रहा है; और यदि सीटों का वितरण पूरी तरह से जनसंख्या के आधार पर किया जाता है, तो उन्हें भविष्य में और अधिक राजनीतिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने एक "हाइब्रिड मॉडल" का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत बढ़ी हुई सीटों का कुछ हिस्सा जनसंख्या के आधार पर आवंटित किया जा सकता है, जबकि बाकी सीटों को आर्थिक योगदान और विकास संकेतकों, जैसे राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को ध्यान में रखते हुए वितरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा मॉडल प्रगतिशील राज्यों को नुकसान पहुँचाए बिना न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा।
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