हैदराबाद , मार्च 07 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि केवल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने से समाज का उत्तरदायित्व पूरा नहीं हो जाता।

श्री रेड्डी ने आज यहां केपीएचबी स्थित जेएनटीयू ऑडिटोरियम में तेलंगाना पुलिस की महिला सुरक्षा शाखा की ओर से आयोजित "स्टैंड विद हर" कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को महत्व दिया है और उन्हें देश में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर काम करने के मौके दिये हैं।

श्री रेड्डी ने जोर दिया कि तेलंगाना सरकार महिलाओं के महत्व को पहचानने और उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने में सबसे आगे रही है। उन्होंने कहा, "हम अक्सर महिलाओं की तुलना शक्ति से करते हैं। अगर ऐसी महिलाओं की रक्षा नहीं की जा सकती, तो किसी भी राज्य का सम्मान नहीं हो सकता।"मुख्यमंत्री ने इस बात का ध्यान दिलाया कि पहले जहां महिलाओं का उत्पीड़न कुछ खास जगहों तक सीमित था, वहीं तकनीक की तरक्की और सोशल मीडिया के आने से अब ऑनलाइन उत्पीड़न के नये तरीके सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए समाज को खुद में सुधार करना होगा और जिम्मेदारी से काम करना होगा।

उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून बनाने या पुलिस की निगरानी से सुनिश्चित नहीं की जा सकती, बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, "हमें समाज की हर महिला को वही सम्मान देना चाहिए जो हम अपने घर की बेटियों को देते हैं।"महिलाओं के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके नाम पर कई योजनाएं चला रही है। राशन कार्ड और इंदिराम्मा आवास महिलाओं के नाम पर जारी किए जा रहे हैं। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को कर्ज दिया गया है और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिलपरमम् में दुकान परिसर आवंटित किए गए हैं।

श्री रेड्डी ने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं को सौर ऊर्जा उत्पादन में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे बड़े उद्योगपतियों का मुकाबला कर सकें। आरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के अलावा, सरकार ने महिलाओं को 1,000 बसों का मालिक बनाने के कदम उठाए हैं और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए पेट्रोल पंप आवंटित करने की योजना भी शुरू की है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण के जज्बे को दिखाने के लिए महिला विश्वविद्यालय का नाम वीरानारी चकाली अलम्मा के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की ताकत पर पूरा भरोसा करती है और "स्टैंड विद हर" जैसे कार्यक्रमों के जरिए तेलंगाना को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित राज्य बनाना चाहती है।

श्री रेड्डी ने युवाओं से महिला सुरक्षा के लिए 'ब्रांड एंबेसडर' के रूप में काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और केवल घर के काम तक सीमित न रहें। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि वे महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ सवाल उठाने और खड़े होने की हिम्मत जुटाएं।

उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया के प्रसार के साथ साइबर अपराध भी बढ़े हैं। जब भी किसी महिला को कोई समस्या हो, तो हम सभी को मजबूती से साथ खड़ा होना चाहिए और कहना चाहिए - स्टैंड विद हर।"कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी, हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी. सी. सज्जनार, कार्यक्रम के ब्रांड एंबेसडर और अभिनेता साई धरम तेज और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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