बैतूल , जुलाई 15 -- रेलवे प्रशासन ने रेलवे भूमि के आसपास निर्माण कार्यों को लेकर स्पष्ट किया है कि रेलवे सीमा से 30 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले रेलवे से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बिना एनओसी के किए गए निर्माण को अनधिकृत माना जाएगा और भविष्य में रेलवे परियोजनाओं के दौरान ऐसे निर्माणों पर किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न रेल परियोजनाओं के दौरान रेलवे सीमा के समीप बिना अनुमति किए गए निर्माण सामने आने से भूमि अधिग्रहण, निर्माण कार्य और मुआवजे से जुड़े विवाद उत्पन्न होते हैं, जिससे परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब होता है। इन समस्याओं की रोकथाम के लिए निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।

उन्होंने बताया कि परियोजना क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के लिए ड्रोन और वीडियो सर्वे कराया जा रहा है। इसके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध हो सके और अनधिकृत निर्माणों की पहचान आसानी से की जा सके।

रेलवे प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि रेलवे भूमि अथवा उसकी निर्धारित सीमा के आसपास मकान, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान या अन्य किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक एनओसी अवश्य प्राप्त करें। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने से भविष्य में कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेगा।

रेलवे ने ग्राम पंचायतों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं तथा अन्य स्थानीय निकायों को भी निर्देश दिए हैं कि रेलवे सीमा से 30 मीटर के दायरे में आने वाले किसी भी निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति देने से पहले रेलवे की एनओसी का अनिवार्य रूप से सत्यापन करें। रेलवे प्रशासन का कहना है कि नियमों के पालन से रेलवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं कम होंगी तथा भविष्य में मुआवजे और स्वामित्व संबंधी विवादों से भी बचा जा सकेगा।

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