नयी दिल्ली , अक्टूबर 29 -- रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि जो कर्मचारी रेलवे की चिकित्सीय सलाह के बिना लेसिक सर्जरी कराते हैं और बाद में अपने मौजूदा पदों के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य हो जाते हैं, उन्हें विशेष पुनर्नियुक्ति लाभ नहीं दिए जाएंगे।

संशोधित निर्देशों के तहत ऐसे कर्मचारियों को उन कर्मचारियों के समान माना जाएगा, जो अपनी मर्जी से स्थानांतरण मांगते हैं। इन्हें उन लाभों का हकदार नहीं माना जाएगा, जो मौजूदा रेलवे सेवा नियमों के तहत चिकित्सकीय कारणों से पद से हटाए गए कर्मचारियों को मिलते हैं। रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयाें को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मामलों को भारतीय रेलवे स्थापना नियमावली (आईआरईएम), वॉल्यूम 1 के पैरा 1311(1) के तहत देखें। आदेश में कहा गया है कि आईआरईएम, वॉल्यूम 1 के पैरा 1301, 1307 और 1308 के तहत चिकित्सकीय कारणों से पद से हटाए जाने के बाद वैकल्पिक रोजगार मिलने पर जो लाभ मिलते हैं, वे इन संशोधित निर्देशों के दायरे में आने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे।

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