बैतूल , सितंबर 21 -- मध्यप्रदेश के रेलवे परिसरों में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अब अधिक कड़ी कार्रवाई होगी। रेलवे बोर्ड ने स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर लगाए जाने वाले जुर्माने की अधिकतम राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी है। निर्धारित जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जा सकेगा, जहां उस पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

रेल मंत्रालय की ओर से 24 अगस्त 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद रेलवे बोर्ड ने 18 सितंबर को वाणिज्यिक परिपत्र जारी किया है। इसमें सभी जोनल रेलवे को संशोधित दंड प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

संशोधित प्रावधान भारतीय रेल परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से संबंधित दंड नियम, 2012 में किए गए बदलाव के तहत लागू होंगे। रेलवे का उद्देश्य स्टेशनों और अन्य रेल परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना तथा यात्रियों और आम लोगों को गंदगी फैलाने से रोकना है।

रेलवे बोर्ड ने नए नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत समाचार-पत्रों, स्थानीय भाषाओं के समाचार-पत्रों, रेलवे स्टेशनों पर लगाए जाने वाले पोस्टर और नोटिस, रेलगाड़ियों में प्रदर्शित सूचना तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को जानकारी दी जाएगी। रेडियो और टेलीविजन सहित अन्य माध्यमों से भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

परिपत्र में प्रत्येक जोनल रेलवे को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अधिकृत अधिकारियों के लिए आवश्यक प्रक्रिया तैयार करने और नामित अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को इस प्रावधान के तहत वसूली गई जुर्माने की राशि का मासिक विवरण रेलवे बोर्ड को भेजना होगा।

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि संशोधित प्रावधानों को लागू करने के साथ यात्रियों को नियमों की जानकारी देने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। रेलवे का मानना है कि दंडात्मक कार्रवाई के साथ जागरूकता बढ़ाने से रेल परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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