नयी दिल्ली , जुलाई 31 -- रेलवे में नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया के नियम और सख्त कर दिए गए हैं। अब प्रत्येक अभ्यर्थी को चिकित्सकीय परीक्षण से पहले अपने स्वास्थ्य से जुड़ी पूरी जानकारी शपथपूर्वक देनी होगी। रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे चिकित्सकीय नियमावली के तहत स्व-घोषणा पत्र का नया प्रारूप लागू कर दिया है, जो अब सभी आगामी भर्तियों में अनिवार्य होगा।

रेलवे बोर्ड ने यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लिया है। संशोधित व्यवस्था में सहायक लोको पायलट भर्ती तथा दृष्टि सुधार के लिए कराई जाने वाली लेज़र नेत्र शल्यक्रिया से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को यह बताना होगा कि क्या वे कभी हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, दमा, क्षय रोग, मिर्गी, मानसिक रोग अथवा किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित रहे हैं। उन्हें यह भी बताना होगा कि क्या वे लंबे समय तक किसी बीमारी का उपचार कराते रहे हैं, कभी अस्पताल में भर्ती हुए हैं, सिर में गंभीर चोट लगी है या आंखों की कोई शल्यक्रिया कराई है।

इसके अलावा अभ्यर्थियों को यह भी घोषित करना होगा कि क्या वे मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों का उपचार करा रहे हैं, उन्हें हकलाने या बोलने में किसी प्रकार की समस्या है, वे मादक पदार्थों या शराब का सेवन करते हैं अथवा उन्हें पहले किसी सरकारी नौकरी में चिकित्सकीय आधार पर अयोग्य घोषित किया गया है।

स्व-घोषणा पत्र में अभ्यर्थी को यह प्रमाणित करना होगा कि उसके द्वारा दी गई सभी जानकारियां सत्य और पूर्ण हैं। साथ ही यह भी घोषित करना होगा कि उसने किसी बीमारी के आधार पर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र या पेंशन का लाभ प्राप्त नहीं किया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित