नयी दिल्ली , जून 17 -- रेलवे ने महाराष्ट्र में रेल क्षमता बढ़ाने और माल ढुलाई में सुधार की दिशा अहम कदम उठाते हुए मध्य रेलवे पर 172 करोड़ रुपये की लागत से सोमटाने-चिखली कॉर्ड लाइन (3.7 किमी) के निर्माण को मंज़ूरी प्रदान की है।

रेलवे ने बुधवार को यहां बताया कि यह नयी कॉर्ड लाइन कर्जत मार्ग के चिखली और रोहा मार्ग पर सोमटाने के बीच एक आवश्यक रेल लिंक की कमी को पूरा करेगी। यह कर्जत और रोहा कॉरिडोर के बीच निर्बाध सम्पर्क की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे ट्रेनों को भीड़भाड़ वाले पनवेल जंक्शन में जाने या इंजन बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

रेलवे के अनुसार पनवेल मुंबई क्षेत्र के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में से एक है, जहाँ रोहा, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी), कर्जत और दिवा जैसी चार मुख्य दिशाओं से यातायात आता है। अभी कर्जत और रोहा रूट के बीच सीधा कॉर्ड सम्पर्क न होने से परिचालन में दिक्कतें आती हैं और भीड़ होती है, क्योंकि ट्रेनों को पनवेल जंक्शन से होकर गुज़रना पड़ता है। मंज़ूर की गई कॉर्ड लाइन सीधे सम्पर्क की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे ट्रेन परिचालन आसान होगा और नेटवर्क की क्षमता बेहतर होगी।

रेलवे ने कहा कि यह परियोजना जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी/ट्रस्ट से जुड़े माल ढुलाई ट्रैफिक के लिए खास तौर पर अहम है, जो भारत के कंटेनर ट्रैफिक का लगभग 60 प्रतिशत संभालता है। इस समय कर्जत, जसाई और रोहा गलियारे के बीच चलने वाली मालगाड़ियों को आगे बढ़ने से पहले पनवेल जंक्शन से गुजरने पर इंजन बदलना पड़ता है। सोमटाने-चिखली कॉर्ड लाइन शुरू होने से मालगाड़ियाँ पनवेल से गुज़रे बिना आगे बढ़ पाएँगी, जिससे परिचालन में काफी फायदा होगा।

रेलवे के अनुसार इस परियोजना से हर मालगाड़ी के रुकने के समय में लगभग 110 मिनट की बचत होने की उम्मीद है, जिससे टर्नअराउंड समय और लॉजिस्टिक्स की क्षमता में काफी सुधार होगा।

रेलवे के मुताबिक नयी कॉर्ड लाइन के पूरा होने के बाद हर साल अतिरिक्त 90 लाख टन (एमटीपीए) ट्रैफिक की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। यह परियोजना जेएनपीटी-कर्जत और जेएनपीटी-रोहा खंड पर पहले से मंज़ूर पनवेल एलिवेटेड कॉर्ड लाइनों को पूरा करती है, जिससे पश्चिमी भारत में माल ढुलाई संपर्क नेटवर्क की एक अहम कमी पूरी हो जाती है।

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