भीलवाड़ा , जुलाई 30 -- राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के रायला में रेलवे द्वारा आबादी क्षेत्र में असंवैधानिक तरीके से दीवार बनाकर रास्तों को बंद करने के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
इस समस्या को लेकर आज भीलवाड़ा जिला कलेक्टर कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया और रेलवे की तानाशाही के खिलाफ नारेबाजी की।
गामीणों ने बताया कि रायला में रेलवे पुलिस की झूठे मामलों की धमकियों एवं स्थानीय प्रशासन की घोर अनदेखी से रेलवे विभाग द्वारा सार्वजनिक रास्तों को बंद कर दिया गया है। असंवैधानिक तरीके से रेलवे स्टेशन खेड़ा रायला की पांच हजार घरों की आबादी को दीवार बनाकर रोक दिया गया है, जिससे वे अपने ही घरों में कैद होकर जेल जैसे हालात में जीने को मजबूर कर दिये गये हैं।
ग्रामीणों के अनुसार रेलवे की अजमेर-चित्तौड़गढ़ दोहरीकरण परियोजना के नाम पर रायला राजस्व क्षेत्र के सार्वजनिक रास्ते एवं सार्वजनिक भूमि की अवाप्ति की कार्रवाई की जा रही है।
वर्तमान में उक्त सार्वजनिक भूमि को अपने कब्जे में लेकर दीवार खड़ी कर दी गयी है। हालात इतने बदतर हैं कि स्कूल जाने वाले विद्यार्थी, मजदूर, अस्पताल जाने वाले मरीज और प्रसूताएं जान जोखिम में डालकर एक-दूसरे की छत से होकर या खेतों में कंटीली झाड़ियों से गुजरने को मजबूर हैं। रास्तों के अभाव में पीने के पानी के टैंकर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे लोगों काे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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