, March 17 -- भाजपा की मालविका देवी ने रेलवे की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर चर्चा में कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र ओडिशा के कालाहांडी में रेलवे के विकास की एक नयी परिभाषा लिखी गयी है। उन्होंने कहा कि उनकी हर मांग को प्राथमिकता देते हुए मंजूरी दी गयी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने रेलवे की सुरक्षा के साथ साथ इसकी गति को भी बढाने का काम किया है। अमृत स्टेशन योजना के तहत बड़ी संख्या में स्टेशनों का कायाकल्प किया गया है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के श्री अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि रेलवे के क्षेत्र में बिहार के औरंगाबाद की क्यों अनदेखी की गयी है। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर उन्होंने स्वयं रेल मंत्री से मिलकर लिखित मांग की लेकिन उनके इलाके की किसी भी समस्या का अब तक समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान कई स्टेशनों पर मेल और पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव रोक दिया गया था उसे पुन: बहाल किया जाये। इसके साथ साथ दिव्यांग और वरिष्ठ जनों को रेलवे में जो रियायत मिलती थी उसे पुन: बहाल किया जाये। उन्होंने प्रत्येक मेल, एक्सप्रेस में पांच जनरल डिब्बों को जोड़ने की मांग की।
समाजवादी पार्टी के लक्ष्मीकांत निषाद ने कहा कि सरकार इसे विकास का बजट बता रही है लेकिन सरकार ने सामान्य ट्रेनों के मामले में कोई काम नहीं किया है। सरकार रेलवे को निजी हाथों में देकर बच्चों का भविष्य खराब कर रही है। उन्होंने कहा कि बहराइच-खलीलाबाद के बीच जो रेलवे लाइन बन रही है उसे अंबेडकर नगर से जोड़ा जाये।
जनता दल (यू) के डा आलोक कुमार सुमन ने कहा कि भारतीय रेल केवल एक परिवहन नहीं बल्कि विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि हर दिन करीब दो करोड़ लोग रेलवे से यात्रा करते हैं इसलिए रेलवे को लाइफ लाइन कहा जाता है। भारतीय रेल लगातार आधुनिक और विश्व स्तरीय बन रही है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र गोपालगंज के थावे जंक्शन में प्लेटफार्म की संख्या बढाने के साथ साथ स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग की।
तेलुगु देशम पार्टी के कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि रेलवे के मौलिक ढांचे के विकास के लिए जो धनराशि दी गयी है वह बहुत सराहनीय है। भारतीय रेलवे ने विकसित भारत के लिए लंबी छलांग लगायी है। उन्होंने कहा कि रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए आंध्र प्रदेश में कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आंध्र प्रदेश के कई स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र बापतला से अन्य शहरों को जोड़ने के लिए ट्रेनों का संचालन करने की मांग की। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में वंदे भारत ट्रेन का ठहराव की भी मांग की।
भाजपा के डा राजेश मिश्रा ने कहा कि रेल का देश के विकास में बड़ा काम है। उन्होंने कहा कि रेल बजट में दूरदृष्टि कायाकल्प और आम जनों के हितों का ध्यान रखा गया है।
कांग्रेस के भजन लाल जाटव ने कहा कि रेलवे का पहले अलग से बजट आता था तो लोगों को बड़ी उम्मीद होती थी। पिछले दस सालों में एक भी जनरल कोचों की बढोत्तरी नहीं की गयी है। रेल उद्योगपतियों के लिए नहीं था यह आम लोगों के लिए था। उन्होंने कहा कि करौली धौलपुर में रेलवे परियोजना का काम धीमी गति से चल रहा है उसे तेज किया जाये। कोरोना के समय जिन ट्रेनों को बंद किया गया है उसे दोबारा शुरू किया जाये। दिल्ली से कोटा वंदे भारत ट्रेन चलायी जाये।
समाजवादी पार्टी के राजीव राय ने कहा कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के मऊ के लिए एक वंदे भारत ट्रेन की लगातार मांग की लेकिन अब तक सरकार ने उस पर ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि उनके यहां सबसे बड़ी समस्या रेलवे अंडर पास की है। इस मामले में सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।
निर्दलीय अब्दुल रशीद शेख ने कहा कि चिनाब दरिया पर जो सबसे बड़ा रेलवे का पुल बनाया उसके लिए सरकार बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा दिल्ली से दूरी के साथ साथ दिल से दूरी मिटाने की आवश्यकता है। रेलवे में कश्मीर के लोगों को एक से दो प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि कश्मीर के जुल्म बंद कर वहां के लोगों से सरकार को बात करना चाहिए।
भाजपा के आशीष दुबे ने कहा कि आंकडें बताते हैं कि मोदी सरकार में रिकार्ड पूंजीगत निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार के दौरान प्रतिदिन केवल चार किलोमीटर रेलवे लाइन बिछायी जाती थी जो आज चौदह किलोमीटर से अधिक बिछाई जा रही है। मोदी सरकार ने नागरिक को केंद्र में रखते हुए रेलवे को आधुनिक बनाने का काम किया। देश के बड़े हिस्सों को वंदे भारत ट्रेन से जोड़कर लोगों को आराम दायक यात्रा उपलब्ध करा रही है।
कांग्रेस के मनोज कुमार ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र सासाराम में रेलवे की कई मांगें लंबित है जो क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है। हमारे क्षेत्र के कई रेलवे स्टेशनों पर अभी भी पीने के पानी और शौचालय की अच्छी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि कम से कम स्टेशनों पर मूलभूत सुविधायें मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलवे में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं जिसे भरने की आवश्यकता है। जनरल बोगी की संख्या बढाने का सरकार ने आश्वासन दिया था जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
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