रायपुर , जून 11 -- छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए "गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स" परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही परियोजना को रेरा पंजीयन प्राप्त होने तक किसी भी प्रकार की बुकिंग, क्रय-विक्रय एवं विक्रय संबंधी गतिविधियां संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राधिकरण द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रमोटर ने भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3(1) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए परियोजना का रेरा पंजीयन कराए बिना सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से प्लॉटों की कीमतों और परियोजना संबंधी जानकारी का विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार किया।

रेरा ने अपने आदेश में कहा है कि रेरा अधिनियम के तहत किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का पंजीयन कराए बिना उसका विज्ञापन, विपणन अथवा विक्रय नहीं किया जा सकता। प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीर मानते हुए अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित परियोजना में रेरा पंजीयन प्राप्त होने तक किसी भी प्रकार की बुकिंग, क्रय-विक्रय अथवा विक्रय संबंधी गतिविधियां नहीं की जाएंगी। प्राधिकरण ने दोहराया है कि बिना रेरा पंजीयन किसी भी भू-संपदा परियोजना का विज्ञापन, विपणन अथवा विक्रय करना कानूनन प्रतिबंधित है तथा ऐसे मामलों में अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच रेरा ने आम नागरिकों और संभावित गृह खरीदारों से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें। प्राधिकरण ने कहा है कि केवल पंजीकृत परियोजनाओं में ही निवेश किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की वित्तीय अथवा कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।

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