पटना , अगस्त 01 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार कोरियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) को अधिक पारदर्शी, सरल, जवाबदेह बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि घर खरीदारों के हितों और अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री सम्राट ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में रियल रेरा की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में इज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के साथ-साथ घर खरीदारों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रेरा के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने रेरा की संस्थागत व्यवस्था एवं कार्य पद्धति की विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि रेरा की कार्य प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इसकी संस्थागत व्यवस्था पूरे देश में सबसे बेहतर है।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिये कि रेरा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाया जाए। रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब को समाप्त करते हुए प्रमोटर्स एवं डेवलपर्स को नियमानुसार कार्य करने में सहूलियत प्रदान की जाए। उन्होंने रेरा की कार्यप्रणाली को राज्य सरकार के डैशबोर्ड एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू घर खरीदारों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा है। घर खरीदारों से जुड़े मामलों एवं शिकायतों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह नियामक व्यवस्था से घर खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश एवं कारोबार के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह सहित रेरा के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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