कानपुर/नई दिल्ली , जुलाई 10 -- रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया ने वाहन अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को नई गति देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत रेनो इंडिया अपने यात्री वाहनों के उन्नत वायुगतिकीय (एरोडायनेमिक) और हवा से होने वाले शोर (विंड नॉइज़) के परीक्षण के लिए आईआईटी कानपुर की नेशनल विंड टनल फैसिलिटी (एनडब्ल्यूटीएफ) का उपयोग करेगी।

कंपनी के अनुसार यह साझेदारी नवाचार, उन्नत इंजीनियरिंग और देश के अग्रणी अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से भविष्य के लिए तैयार वाहन विकसित करने की रेनो की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे रेनो की वैश्विक इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और आईआईटी कानपुर की अत्याधुनिक परीक्षण एवं अनुसंधान सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिसके माध्यम से अधिक ईंधन-दक्ष, सुरक्षित और बेहतर प्रदर्शन वाले वाहनों के विकास में सहायता मिलेगी।

एनडब्ल्यूटीएफ की सुविधा का उपयोग कर रेनो इंडिया अपने वाहनों की एरोडायनेमिक क्षमता और हवा से होने वाले शोर के प्रदर्शन का परीक्षण निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप कर सकेगी, जिससे वाहनों के विकास और गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा।

रेनो ग्रुप इंडिया के चीफ ऑफ इंजीनियरिंग डॉ. विक्रमन वी ने कहा कि यह साझेदारी भारत में रेनो की इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर और नेशनल विंड टनल फैसिलिटी के साथ मिलकर कंपनी विश्वस्तरीय अनुसंधान सुविधाओं और अपनी वैश्विक इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए भविष्य के लिए तैयार वाहन विकसित करेगी।

आईआईटी कानपुर के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं एनडब्ल्यूटीएफ के समन्वयक प्रो. (डॉ.) अलकेश चंद्र मंडल ने कहा कि रेनो इंडिया के साथ यह साझेदारी ऑटोमोबाइल अनुसंधान एवं विकास को नई दिशा देगी। इससे नेशनल विंड टनल फैसिलिटी की उपयोगिता एयरोस्पेस क्षेत्र से आगे बढ़कर ऑटोमोबाइल उद्योग में भी नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नेशनल विंड टनल फैसिलिटी भारत की अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक सुविधा है। इसमें 3.0 मीटर x 2.25 मीटर का क्लोज्ड-जेट टेस्ट सेक्शन है, जहां 80 किलोमीटर प्रति घंटे से 280 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति पर वाहनों का अत्यंत सटीक एरोडायनेमिक परीक्षण किया जा सकता है। वर्तमान में इस सुविधा का उन्नयन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में 400 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति पर भी परीक्षण संभव हो सके।

इस साझेदारी के लिए दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसमें व्यावसायिक सहयोग, बौद्धिक संपदा और गोपनीयता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं, ताकि दोनों पक्षों के बीच पारदर्शी और लाभकारी सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि फ्रांस की रेनो एस.ए.एस. की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया के वाहन चेन्नई के ओरगडम स्थित संयंत्र में निर्मित होते हैं, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 4.8 लाख वाहन है। देशभर में कंपनी के लगभग 638 बिक्री एवं सेवा केंद्र हैं, जिनमें 200 से अधिक 'वर्कशॉप ऑन व्हील्स' भी शामिल हैं।

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