पटना , अप्रैल 18 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना ने थायरॉयड कैंसर के इलाज में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी अत्याधुनिक थेरानॉस्टिक न्यूक्लियर मेडिसिन सेवाओं की शुरुआत की है जिसमें रेडियो-आयोडीन थेरेपी और पीईटी-सीटी स्कैन की समेकित सुविधा अब एक ही स्थान पर उपलब्ध है। जहां कभी इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों की ओर रुख करना पड़ता था वहीं अब यह सफर पटना में ही सिमट आया है। यह पहल न सिर्फ इलाज को आसान बनाती है बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के लिए समय, पैसा और भावनात्मक ऊर्जा तीनों की बड़ी बचत भी सुनिश्चित करती है।
इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स पटना ने किया।उन्होंने इस पहल को "तकनीक से आगे बढ़कर संवेदनशीलता का विस्तार" बताया।उन्होंने कहा,"यह सिर्फ मशीनों का जुड़ना नहीं बल्कि मरीजों के जीवन में राहत, विश्वास और समय पर सही इलाज का जुड़ना है। हमारा उद्देश्य है कि हर मरीज को बिना देरी के सटीक और सुलभ उपचार मिले।"इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रो. (डॉ.) पूनम प्रसाद भदानी, प्रो. (डॉ.) उमेश भदानी, प्रो. (डॉ.) संजय कुमार पांडे, प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार एवं प्रो. (डॉ.) चंद्रमोहन की गरिमामयी उपस्थिति ने इस पहल को और महत्वपूर्ण बना दिया।
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